प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन | ऑपरेशन सिंदूर
प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन | ऑपरेशन सिंदूर
"ऑपरेशन सिंदूर" भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में चलाया गया एक सटीक और निर्णायक सैन्य अभियान था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी और इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति बताया।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर
क्या है ऑपरेशन सिंदूर
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों की वीरता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता देश की हर मां, बहन और बेटी को समर्पित है।
सेना और वैज्ञानिकों को सम्मान
सेना और वैज्ञानिकों को सम्मान
22 अप्रैल को पहलगाम में एक क्रूर आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें कई निर्दोष नागरिक मारे गए। यह हमला भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला था, जिसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई गई।
हमला क्यों हुआ था
हमला क्यों हुआ था
भारतीय बलों ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी शिविरों और प्रशिक्षण केंद्रों पर लक्षित हमले किए। ये हमले उन ठिकानों पर केंद्रित थे जो वैश्विक आतंकवाद के मुख्य अड्डों के रूप में पहचाने जाते हैं। इसमें 100 से अधिक आतंकवादियों का सफाया किया गया।
ऑपरेशन में क्या हुआ
ऑपरेशन में क्या हुआ
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में भारत के स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। भारत की उन्नत रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को प्रभावी ढंग से विफल किया।
पाकिस्तान का जवाब और भारत की तैयारी
पाकिस्तान का जवाब और भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक निर्णायक मोड़ है। अब प्रत्येक आतंकी हमले का कड़ा और तुरंत जवाब दिया जाएगा। भारत अब परमाणु ब्लैकमेल से नहीं डरता और राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
अब नई नीति अपनाई जाएगी
अब नई नीति अपनाई जाएगी
ऑपरेशन ने भारत के स्वदेशी रक्षा उपकरणों और युद्ध क्षमताओं की सफलता को उजागर किया। यह भारत की आत्मनिर्भरता और आधुनिक सैन्य तैयारियों का प्रमाण है।
भारत की ताकत और तकनीक
भारत की ताकत और तकनीक
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया से आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह आतंक का समर्थन करता रहा, तो यह उसी का पतन लाएगा। उन्होंने कहा कि संवाद और व्यापार, आतंकवाद के साथ संभव नहीं।
दुनिया को साथ आने का संदेश
दुनिया को साथ आने का संदेश
भारत शांति चाहता है, लेकिन जब बात नागरिकों की सुरक्षा और विकास की हो, तो शक्ति और कार्रवाई अनिवार्य है। ऑपरेशन सिंदूर भारत के बदलते सैन्य दृष्टिकोण और संकल्प का प्रमाण है।